khoon-e-dil mujh se tira rang-e-hina maange hai | ख़ून-ए-दिल मुझ से तिरा रंग-ए-हिना माँगे है

  - Ghayas Anjum
ख़ून-ए-दिलमुझसेतिरारंग-ए-हिनामाँगेहै
याहथेलीपेकोईनक़्श-ए-वफ़ामाँगेहै
जोसदादेतारहादार-ओ-रसनतोहफ़ेमें
हमफ़क़ीरोंसेवहीहर्फ़-ए-दुआमाँगेहै
क्याहुआहैकिरिफ़ाक़तकाभरमरखनेको
मुझसेमहबूबमिराज़ख़्मनयामाँगेहै
शहरमेंधँसताहैफ़ित्नेकीनईदलदलमें
क्याक़यामतहैकिमेराहीपतामाँगेहै
कुछसमझमेंनहींआताहैमिज़ाज-ए-याराँ
जिसकोदेखोवहीइज़हार-ए-वफ़ामाँगेहै
वोतोवहशतमेंकभीसमझेहैमुझकोक़ातिल
औरकभीकूचा-ए-क़ातिलकापतामाँगेहै
अक़्लपरपर्दापड़ाहैकिसुख़न-वर'अंजुम'
दिनकेमाहौलमेंभीकालीरिदामाँगेहै
  - Ghayas Anjum
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy