ham ne jab chaaha koi aag bujhaane aa.e | हम ने जब चाहा कोई आग बुझाने आए

  - Ghayas Anjum
हमनेजबचाहाकोईआगबुझानेआए
आएतोलोगमगरदिलकोजलानेआए
कुछअसरहोतानहींबज़्म-ए-तरबकादिलपर
दर्दकागीतकोईआजसुनानेआए
रासजबसकाशहर-ए-ख़िरदकामाहौल
वुसअ'त-ए-दश्त-ओ-बयाबाँमेंदिवानेआए
भागीजातीहैयेदुनियानईरौनक़कीतरफ़
शहरहैउजड़ाहुआकौनबसानेआए
आजतकजिनकोनहींराह-ए-सदाक़तकीख़बर
हक़्क़-ओ-बातिलकावहीफ़र्क़बतानेआए
क्यूँँकिसीग़ैरपेइल्ज़ाममैंरखता'अंजुम'
मेरेअपनेवोसभीथेजोरुलानेआए
  - Ghayas Anjum
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