be-niyaaz-e-bahaar sa kyun hai | बे-नियाज़-ए-बहार सा क्यूँँ है

  - Ghayas Anjum
बे-नियाज़-ए-बहारसाक्यूँँहै
दिलकोज़ख़्मोंसेप्यारसाक्यूँँहै
वोख़फ़ाहैंकिहमग़रीबोंको
ग़मपेकुछइख़्तियारसाक्यूँँहै
मेरीआँखोंकेख़्वाबतोग़महैं
वोमगरबे-क़रारसाक्यूँँहै
अक्सउसमेंथाकिसकेचेहरेका
आइनासंगसारसाक्यूँँहै
आहटेंपासकेदूरहुईं
हमकोफिरइंतिज़ारसाक्यूँँहै
क्याकोईसंदलीमहकसीउड़ी
दिलमिरापुर-ख़ुमारसाक्यूँँहै
ज़िंदगीतल्ख़हैबहुत'अंजुम'
फिरभीज़ालिमसेप्यारसाक्यूँँहै
  - Ghayas Anjum
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