kya pooch rahe ho dil-e-beemaar ki baatein | क्या पूछ रहे हो दिल-ए-बीमार की बातें

  - Ghamgeen Qureshi
क्यापूछरहेहोदिल-ए-बीमारकीबातें
कम्बख़्तसमझताहीनहींप्यारकीबातें
सय्यादनेसुनलीतोबढ़ादेगासितमऔर
छेड़ोक़फ़समेंगुल-ओ-गुलज़ारकीबातें
आँखोंसेरवाँहोगयाअश्कोंकासमुंदर
यादआईंजोबिछड़ेहुएग़म-ख़्वारकीबातें
हरडूबनेवालेकेबढ़ातेहैंमरातिब
तूफ़ानकेक़िस्सेहोंकिमंजधारकीबातें
'ग़मगीन'मोहब्बतकीहक़ीक़तहोवहाँक्या
उनवानहोंजिसबज़्मकेहथियारकीबातें
  - Ghamgeen Qureshi
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