maanind-e-hawaa pal men guzar jaayega koi | मानिंद-ए-हवा पल में गुज़र जाएगा कोई

  - Ghamgeen Qureshi
मानिंद-ए-हवापलमेंगुज़रजाएगाकोई
आएअगरआपतोमरजाएगाकोई
येरातकासन्नाटाउदासीकायेआलम
इसहालमेंदीवानेसेडरजाएगाकोई
नाकाम-ए-तमन्नाकोयूँँहीजलनेदोवर्ना
छेड़ोगेजोतुमराखबिखरजाएगाकोई
पहलीहीमुलाक़ातबढ़ादेगीमोहब्बत
मालूमथादिलमेंउतरजाएगाकोई
ज़िंदाहूँइसीआसपे'ग़मगीन'मैंअबतक
इकरोज़मिरेज़ख़्मकोभरजाएगाकोई
  - Ghamgeen Qureshi
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