dost ban kar aa.e koi aur gale hañs kar lage | दोस्त बन कर आए कोई और गले हँस कर लगे

  - G. R. Vashishth
दोस्तबनकरआएकोईऔरगलेहँसकरलगे
एकअर्साहोगयाहैपीठमेंख़ंजरलगे
किसक़दरबेचैनरहताहूँकिमुझबीमारको
दूरसेआताहुआहरशख़्सचारा-गरलगे
एकमुद्दतकामैंजागाइसभरममेंसोगया
क्यापतामुझकोयेदुनियाख़्वाबमेंबेहतरलगे
क़ब्लतोमेरायेरोनाथाकोईनज़दीकहो
अबयेआलमहैकिमुझकोमहफ़िलोंसेडरलगे
इतनेचेहरेआँखसेगुज़रेहैंउसकीखोजमें
ऐनमुमकिनहैमिराहोजाएतोदीगरलगे
अबतोमुझकोरंगहीभातेनहींतबतोतेरी
ज़ुल्फ़केसाएधनककेरंगोंसेबढ़करलगे
  - G. R. Vashishth
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy