main sha'ir hooñ to kya rota rahoonga | मैं शाइ'र हूँ तो क्या रोता रहूँगा

  - G. R. Vashishth
मैंशाइ'रहूँतोक्यारोतारहूँगा
लहूकेदाग़हीधोतारहूँगा
ज़मींआँखोंकीहोजाएगीबंजर
मुसलसलख़्वाबअगरबोतारहूँगा
तेरीज़ुल्फ़ेंनहींहोंगीतोफिरमैं
शजरकीछाँवकाहोतारहूँगा
येकबसोचाथाजबखोजाओगेतुम
जिसेभीपाऊँगाखोतारहूँगा
तेरीआँखेंखुलेंगीतबतलकतो
मैंयूँँसोजाऊँगासोतारहूँगा
  - G. R. Vashishth
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy