Republic Day Shayari
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Republic Day Shayari

येदाग़दाग़उजाला,येशबगज़ीदासहर
वोइन्तज़ारथाजिसका,येवोसहरतोनहीं
येवोसहरतोनहींजिसकीआरज़ूलेकर
चलेथेयारकिमिलजायेगीकहींकहीं
फ़लककेदश्तमेंतारोंकीआख़रीमंज़िल
कहींतोहोगाशब-ए-सुस्तमौज्कासाहिल
कहींतोजाकेरुकेगासफ़िना-ए-ग़म-ए-दिल
जवाँलहूकीपुर-असरारशाहराहोंसे
चलेजोयारतोदामनपेकितनेहाथपड़े
दयार-ए-हुस्नकीबे-सब्रख़्वाब-गाहोंसे
पुकारतीरहींबाहें,बदनबुलातेरहे
बहुतअज़ीज़थीलेकिनरुख़-ए-सहरकीलगन
बहुतक़रींथाहसीनान-ए-नूरकादामन
सुबुकसुबुकथीतमन्ना,दबीदबीथीथकन
सुनाहैहोभीचुकाहैफ़िरक़-ए-ज़ुल्मत-ए-नूर
सुनाहैहोभीचुकाहैविसाल-ए-मंज़िल-ओ-गाम
बदलचुकाहैबहुतअहल-ए-दर्दकादस्तूर
निशात-ए-वस्लहलाल-ओ-अज़ाब-ए-हिज्र-ए-हराम
जिगरकीआग,नज़रकीउमंग,दिलकीजलन
किसीपेचारा-ए-हिज्राँकाकुछअसरहीनहीं
कहाँसेआईनिगार-ए-सबा,किधरकोगई
अभीचिराग़-ए-सर-ए-रहकोकुछख़बरहीनहीं
अभीगरानि-ए-शबमेंकमीनहींआई
नजात-ए-दीद-ओ-दिलकीघड़ीनहींआई
चलेचलोकिवोमंज़िलअभीनहींआई
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Faiz Ahmad Faiz
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शहीद-ए-जौर-ए-गुलचींहैंअसीर-ए-ख़स्ता-तनहमहैं
हमाराजुर्मइतनाहैहवा-ख़्वाह-ए-चमनहमहैं
सतानेकोसतालेआजज़ालिमजितनाजीचाहे
मगरइतनाकहेदेतेहैंफ़र्दा-ए-वतनहमहैं
हमारेहीलहूकीबूसबालेजाएगीकनआँ
मिलेगाजिससेयूसुफ़कापतावोपैरहनहमहैं
हमेंयेफ़ख़्रहासिलहैपयाम-ए-नूरलाएहैं
ज़मींपहले-पहलचूमीहैजिसनेवोकिरनहमहैं
सुलालेगीहमेंख़ाक-ए-वतनआग़ोशमेंअपनी
फ़िक्र-ए-गोरहैहमकोमुहताज-ए-कफ़नहमहैं
बनालेंगेतिरेज़िंदाँकोभीहमग़ैरत-ए-महफ़िल
लिएअपनीनिगाहोंमेंजमाल-ए-अंजुमनहमहैं
नहींतेशातोसरटकराकेजू-ए-शीरलाएँगे
बयाबान-ए-जुनूँमेंजानशीन-ए-कोहकनहमहैं
ज़मानाकररहाहैकोशिशेंहमकोमिटानेकी
हिलापातानहींजिसकोवोबुनियाद-ए-कुहनहमहैं
दौलतहैसर्वतहैओहदाहैताक़तहै
मगरकुछबातहैहममेंकिजान-ए-अंजुमनहमहैं
तिरेख़ंजरसेअपनेदिलकीताक़तआज़मानाहै
मोहब्बतएकअपनीहैतिरासाराज़मानाहै
फ़िदा-ए-मुल्कहोनाहासिल-ए-क़िस्मतसमझतेहैं
वतनपरजानदेनेहीकोहमजन्नतसमझतेहैं
कुछऐसेगएहैंतंगहमकुंज-ए-असीरीसे
किअबइससेतोबेहतरगोशा-ए-तुर्बतसमझतेहैं
हमारेशौक़कीवारफ़्तगीहैदीदकेक़ाबिल
पहुँचतीहैअगरईज़ाउसेराहतसमझतेहैं
निगाह-ए-क़हरकीमुश्ताक़हैंदिलकीतमन्नाएँ
ख़त-ए-चीन-ए-जबींहीकोख़त-ए-क़िस्मतसमझतेहैं
वतनकाज़र्राज़र्राहमकोअपनीजाँसेप्याराहै
हममज़हबसमझतेहैंहममिल्लतसमझतेहैं
हयात-ए-आरज़ीसदक़ेहयात-ए-जावेदानीपर
फ़नाहोनाहीअबइकज़ीस्तकीसूरतसमझतेहैं
हमेंमालूमहैअच्छीतरहताब-ए-जफ़ातेरी
मगरइससेसिवाअपनीहद-ए-उल्फ़तसमझतेहैं
ग़म-ओ-ग़ुस्सादिखानाइकदलील-ए-ना-तवानीहै
जोहँसकरचोटखातीहैउसेताक़तसमझतेहैं
ग़ुलामीऔरआज़ादीबसइतनाजानतेहैंहम
हमदोज़ख़समझतेहैंहमजन्नतसमझतेहैं
दिखानाहैकिलड़तेहैंजहाँमेंबा-वफ़ाक्यूँँकर
निकलतीहैज़बाँसेज़ख़्मखाकरमर्हबाक्यूँँकर
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Anand Narayan Mulla
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बड़ेनाज़सेआजउभराहैसूरज
हिमालाकेऊँचेकलसजगमगाए
पहाड़ोंकेचश्मोंकोसोनाबनाया
नएबिलनएज़ोरइनकोसिखाए
लिबास-ए-ज़रीआबशारोंनेपाया
नशेबीज़मीनोंपेछींटेउड़ाए
घनेऊँचेऊँचेदरख़्तोंकामंज़र
येहैंआजसबआब-ए-ज़रमेंनहाए
मगरइनदरख़्तोंकेसाएमेंदिल
हज़ारोंबरसकेयेठिठुरेसेपौदे
हज़ारोंबरसकेयेसिमटेसेपौदे
येहैंआजभीसर्दबेहालबे-दम
येहैंआजभीअपनेसरकोझुकाए
अरेनईशानकेमेरेसूरज
तिरीआबमेंऔरभीताबआए
तिरेपासऐसीभीकोईकिरनहै
जोऐसेदरख़्तोंमेंभीराहपाए
जोठहरेहुओंकोजोसिमटेहुओंको
हरारतभीबख़्शेगलेभीलगाए
बड़ेनाज़सेआजउभराहैसूरज
हिमालाकेऊँचेकलसजगमगाए
फ़ज़ाओंमेंहोनेलगीबारिश-ए-ज़र
कोईनाज़नींजैसेअफ़्शाँछुड़ाए
दमकनेलगेयूँँख़लाओंकेज़र्रे
कितारोंकीदुनियाकोभीरश्कआए
हमारेउक़ाबोंनेअंगड़ाइयाँलीं
सुनहरीहवाओंमेंपरफड़फड़ाए
फ़ुज़ूँ-तरहुआनश्शा-ए-कामरानी
तजस्सुसकीआँखोंमेंडोरेसेआए
क़दमचूमनेबर्क़-ओ-बादआब-ओ-आतिश
ब-सद-शौक़दौड़ेब-सद-इज्ज़आए
मगरबर्क़आतिशकेसाएमेंदिल
येसदियोंकेख़ुद-रफ़्तानाशादताइर
येसदियोंकेपर-बस्ताबर्बादताइर
येहैंआजभीमुज़्महिलदिल-गिरफ़्ता
येहैंआजभीअपनेसरकोछुपाए
अरेनईशानकेमेरेसूरज
तिरीआबमेंऔरभीताबआए
तिरेपासऐसीभीकोईकिरनहै
उन्हेंपंजा-ए-तेज़सेजोबचाए
इन्हेंजोनएबाल-ओ-परकेबख़्शे
इन्हेंजोनएसिरसेउड़नासिखाए
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Moin Ahsan Jazbi
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