shaheed-e-jour-e-gulchin hain aseer-e-khasta-tan ham hain | शहीद-ए-जौर-ए-गुलचीं हैं असीर-ए-ख़स्ता-तन हम हैं

  - Anand Narayan Mulla
शहीद-ए-जौर-ए-गुलचींहैंअसीर-ए-ख़स्ता-तनहमहैं
हमाराजुर्मइतनाहैहवा-ख़्वाह-ए-चमनहमहैं
सतानेकोसतालेआजज़ालिमजितनाजीचाहे
मगरइतनाकहेदेतेहैंफ़र्दा-ए-वतनहमहैं
हमारेहीलहूकीबूसबालेजाएगीकनआँ
मिलेगाजिससेयूसुफ़कापतावोपैरहनहमहैं
हमेंयेफ़ख़्रहासिलहैपयाम-ए-नूरलाएहैं
ज़मींपहले-पहलचूमीहैजिसनेवोकिरनहमहैं
सुलालेगीहमेंख़ाक-ए-वतनआग़ोशमेंअपनी
फ़िक्र-ए-गोरहैहमकोमुहताज-ए-कफ़नहमहैं
बनालेंगेतिरेज़िंदाँकोभीहमग़ैरत-ए-महफ़िल
लिएअपनीनिगाहोंमेंजमाल-ए-अंजुमनहमहैं
नहींतेशातोसरटकराकेजू-ए-शीरलाएँगे
बयाबान-ए-जुनूँमेंजानशीन-ए-कोहकनहमहैं
ज़मानाकररहाहैकोशिशेंहमकोमिटानेकी
हिलापातानहींजिसकोवोबुनियाद-ए-कुहनहमहैं
दौलतहैसर्वतहैओहदाहैताक़तहै
मगरकुछबातहैहममेंकिजान-ए-अंजुमनहमहैं
तिरेख़ंजरसेअपनेदिलकीताक़तआज़मानाहै
मोहब्बतएकअपनीहैतिरासाराज़मानाहै
फ़िदा-ए-मुल्कहोनाहासिल-ए-क़िस्मतसमझतेहैं
वतनपरजानदेनेहीकोहमजन्नतसमझतेहैं
कुछऐसेगएहैंतंगहमकुंज-ए-असीरीसे
किअबइससेतोबेहतरगोशा-ए-तुर्बतसमझतेहैं
हमारेशौक़कीवारफ़्तगीहैदीदकेक़ाबिल
पहुँचतीहैअगरईज़ाउसेराहतसमझतेहैं
निगाह-ए-क़हरकीमुश्ताक़हैंदिलकीतमन्नाएँ
ख़त-ए-चीन-ए-जबींहीकोख़त-ए-क़िस्मतसमझतेहैं
वतनकाज़र्राज़र्राहमकोअपनीजाँसेप्याराहै
हममज़हबसमझतेहैंहममिल्लतसमझतेहैं
हयात-ए-आरज़ीसदक़ेहयात-ए-जावेदानीपर
फ़नाहोनाहीअबइकज़ीस्तकीसूरतसमझतेहैं
हमेंमालूमहैअच्छीतरहताब-ए-जफ़ातेरी
मगरइससेसिवाअपनीहद-ए-उल्फ़तसमझतेहैं
ग़म-ओ-ग़ुस्सादिखानाइकदलील-ए-ना-तवानीहै
जोहँसकरचोटखातीहैउसेताक़तसमझतेहैं
ग़ुलामीऔरआज़ादीबसइतनाजानतेहैंहम
हमदोज़ख़समझतेहैंहमजन्नतसमझतेहैं
दिखानाहैकिलड़तेहैंजहाँमेंबा-वफ़ाक्यूँँकर
निकलतीहैज़बाँसेज़ख़्मखाकरमर्हबाक्यूँँकर
  - Anand Narayan Mulla
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy