insaan ke li.e is duniya men dushnaam se bachna mushkil hai | इंसान के लिए इस दुनिया में दुश्नाम से बचना मुश्किल है

  - Anand Narayan Mulla
इंसानकेलिएइसदुनियामेंदुश्नामसेबचनामुश्किलहै
तक़्सीरसेबचनामुमकिनहैइल्ज़ामसेबचनामुश्किलहै
ताइरकेलिएदुश्वारनहींसय्याद-ओ-क़फ़ससेदूररहे
लेकिनजोशक्ल-ए-नशेमनहैउसदामसेबचनामुश्किलहै
दामनकोबचाभीलेंशायदसहराकेनुकीलेकाँटोंसे
गुलशनकेमगरगुल-हा-ए-शरर-अंदामसेबचनामुश्किलहै
इसहादिसा-गाह-ए-हस्तीमेंटकराएँगेदोदिलकुछभीकरो
परियोंकेलिएवोलाखउड़ेंगुलफ़ामसेबचनामुश्किलहै
औहामकीतारीकीतोमिटासकतेहैंजलाकरशम्अ-ए-ख़िरद
लेकिनख़ुदअक़्लकेज़ाईदाऔहामसेबचनामुश्किलहै
अर्ज़-ए-सहरकेराह-रवोमंज़िलपेपहुँचनेसेपहले
हरक़ाफ़िलाजिसनेलूटलियाउसशामसेबचनामुश्किलहै
कुछक़तरा-ए-मयऊपरऊपरफिरदर्दहीदर्दअंदरअंदर
आग़ाज़-ए-मोहब्बतख़ूबमगरअंजामसेबचनामुश्किलहै
इकख़ूँऔरगोश्तकेइंसाँकामा'बूदतिरीजन्नतकीक़सम
हूरोंसेचुरानाआँखआसाँअसनामसेबचनामुश्किलहै
इंसानकीहैऔलादअगरवो'मुल्ला'होयाऔरकोई
हंगाम-ए-जवानीफ़लसफ़ा-ए-'ख़य्याम'सेबचनामुश्किलहै
  - Anand Narayan Mulla
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