farq jo kuchh hai vo mutarib men hai aur saaz men hai | फ़र्क़ जो कुछ है वो मुतरिब में है और साज़ में है

  - Anand Narayan Mulla
फ़र्क़जोकुछहैवोमुतरिबमेंहैऔरसाज़मेंहै
वर्नानग़्मावहीहरपर्दा-ए-आवाज़मेंहै
तर्जुमान-ए-ग़म-ए-दिलकौनहैअश्कोंकेसिवा
इकयहीतार-ए-शिकस्तातोमिरेसाज़मेंहै
मुर्ग़-ए-आज़ादअसीरोंकोहिक़ारतसेदेख
इनकीताक़तभीतिरेबाज़ू-ए-परवाज़मेंहै
एकलेदेकेतमन्नाहैसोवोभीनाकाम
दिलमेंक्याहैजोतिरीजल्वा-गह-ए-नाज़मेंहै
दिलकोदीवानासमझकरबहुतछेड़ोतुम
कहींकुछकहउठेयेहरम-ए-राज़मेंहै
  - Anand Narayan Mulla
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