jhijak izhaar-e-arman ki b-aasaani nahin jaati | झिजक इज़हार-ए-अरमाँ की ब-आसानी नहीं जाती

  - Anand Narayan Mulla
झिजकइज़हार-ए-अरमाँकीब-आसानीनहींजाती
ख़ुदअपनेशौक़कीदिलसेपशेमानीनहींजाती
तड़पशीशेकेटुकड़ेभीउड़ालेतेहैंहीरेकी
मोहब्बतकीनज़रजल्दीसेपहचानीनहींजाती
उफ़ुक़परनूररहजाताहैसूरजडूबनेपरभी
किदिलबुझकरभीनज़रोंकीदरख़शानीनहींजाती
सू-ए-दिलकेअबचश्म-ए-करमभीक्याबनालेगी
शुआ-ए-मेहरससहराकीवीरानीनहींजाती
येबज़्म-ए-दैर-ओ-काबाहैनहींकुछसेहन-ए-मय-ख़ाना
ज़राआवाज़गूँजीऔरपहचानीनहींजाती
किसीकेलुत्फ़-ए-बे-पायाँनेकुछयूँँसू-ए-दिलदेखा
किअबना-कर्दाजुर्मोंकीपशेमानीनहींजाती
तग़ाफ़ुलपरजाउसकेतग़ाफ़ुलएकधोकाहै
निगाह-ए-दोस्तकीतहरीक-ए-पिन्हानीनहींजाती
नज़रझूटीशबाबअंधावोहुस्नइकनक़्श-ए-फ़ानीहै
हक़ीक़तहैतोहोलेकिनअभीमानीनहींजाती
मुयस्सरहैहरइकईमाँमेंमुझकोज़ौक़कासज्दा
कोईमज़हबभीहोबुनियाद-ए-इंसानीनहींजाती
नज़रजिसकीतरफ़करकेनिगाहेंफेरलेतेहो
क़यामततकफिरउसदिलकीपरेशानीनहींजाती
समझोज़ब्त-ए-गिर्यासेख़तापरमैंनहींनादिम
किआँसूपोंछलेनेसेपशेमानीनहींजाती
पोंछोतजरबात-ए-ज़िंदगानीचोटलगतीहै
नज़रअबदोस्तऔरदुश्मनकीपहचानीनहींजाती
ज़मानाकरवटोंपरकरवटेंलेताहैऔर'मुल्ला'
तिरीअबतकवोख़्वाब-आवरग़ज़ल-ख़्वानीनहींजाती
  - Anand Narayan Mulla
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