kyun na ho zikr mohabbat ka mare naam ke saath | क्यूँँ न हो ज़िक्र मोहब्बत का मरे नाम के साथ

  - Anand Narayan Mulla
क्यूँँहोज़िक्रमोहब्बतकामरेनामकेसाथ
उम्रकाटीहैइसीदर्द-ए-दिल-आरामकेसाथ
मुझकोदुनियासेनहींअपनीतबाहीकागिला
मैंनेख़ुदसाज़कियागर्दिश-ए-अय्यामकेसाथ
अबवहीज़ीस्तमेंहैयेमिरेदिलकाआलम
जैसेकुछछूटताजाताहैहरइकगामकेसाथ
तुझसेशिकवानहींसाक़ीतिरीसहबानेमगर
दुश्मनीकोईनिकालीहैमिरेजामकेसाथ
जोकरेफ़िक्र-ए-रिहाईवहीदुश्मनठहरे
उन्सहोजाएताइरकोकिसीदामकेसाथ
ज़ीस्तकेदर्दकाएहसासकभीमिटसका
सिनख़ुशीकेभीकटेइकग़म-ए-बे-नामकेसाथ
मन-ए-तक़्सीरकहूँदावत-ए-तक़्सीरकहूँ
निगह-ए-नर्मभीहैगर्मी-ए-इल्ज़ामकेसाथ
अपनीइसआजकीताक़तपेयूँँइतराओ
मेहरउट्ठाथाहरइकसुब्ह-ए-शब-अंजामकेसाथ
मैंतुझेभूलचुकाहूँमगरअबभीदोस्त
आतीजातीहैनिगाहोंमेंचमकशामकेसाथ
अबभीकाफ़ीहैयेहरशोरपेछानेकेलिए
कोईउल्फ़तकीअज़ाँदेतोतिरेनामकेसाथ
गयाख़त्मपेसय्यादतिरादौर-ए-फ़ुसूँ
अबतोदानाभीनहींहैक़फ़स-ओ-दामकेसाथ
काख़-ओ-ऐवाँयहीगुज़रेहुएदौरोंकेहों
गर्दसीआईहैकुछदामन-ए-अय्यामकेसाथ
मैंतिराहोसकाफिरभीमोहब्बतमैंने
जबभीदुनियाकोपुकारातोतिरेनामकेसाथ
ख़ुल्दउजड़ीहैतोअबअपनेफ़रिश्तोंसेबसा
हमसेक्याहमतोनिकालेगएइल्ज़ामकेसाथ
हुजरा-ए-ख़ुल्दहैहूर-ए-शरर-अंदामनहीं
साक़ियाआतिश-ए-रंगींभीज़राजामकेसाथ
ज़िक्र-ए-'मुल्ला'भीअबआतातोहैमहफ़िलमेंमगर
फीकीता'रीफ़मेंलिपटेहुएदुश्नामकेसाथ
मेरीकोशिशहैकिशे'रोंमेंसमोदूँ'मुल्ला'
सुब्हकाहोशभीदीवानगी-ए-शामकेसाथ
दोकिनारोंकेहूँमाबैनमेंइकपल'मुल्ला'
रखताजाताहूँसुतूँएकहरइकगामकेसाथ
  - Anand Narayan Mulla
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