chhup ke duniya se savaad-e-dil-e-khaamoshi men aa | छुप के दुनिया से सवाद-ए-दिल-ए-ख़ामोश में आ

  - Anand Narayan Mulla
छुपकेदुनियासेसवाद-ए-दिल-ए-ख़ामोशमें
यहाँतूमिरीतरसीहुईआग़ोशमें
औरदुनियामेंकहींतेराठिकानाहीनहीं
मिरेदिलकीतमन्नालब-ए-ख़ामोशमें
मय-ए-रंगींपस-ए-मीनासेइशारेकबतक
एकदिनसाग़र-ए-रिंदान-ए-बला-नोशमें
इश्क़करताहैतोफिरइश्क़कीतौहीनकर
यातोबेहोशहोहोतोफिरहोशमें
तूबदलदेकहींजौहर-ए-इंसाँकाभीरंग
ज़मानेकेलहूदेखयूँँजोशमें
देखक्यादामलगातीहैनिगाह-ए-'मुल्ला'
कभीग़ुंचा-ए-तरदस्त-ए-गुल-अफ़रोशमें
  - Anand Narayan Mulla
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