निगाह-ओ-दिलकाअफ़्सानाक़रीब-ए-इख़्तितामआया
हमेंअबइससेक्याआईसहरयावक़्त-ए-शामआया
ज़बान-ए-इश्क़परइकचीख़बनकरतेरानामआया
ख़िरदकीमंज़िलेंतयहोचुकींदिलकामक़ामआया
उठानाहैजोपत्थररखकेसीनेपरवोगामआया
मोहब्बतमेंतिरीतर्क-ए-मोहब्बतकामक़ामआया
उसेआँसूनकहइकयाद-ए-अय्याम-गुज़िश्ताहै
मिरीउम्र-ए-रवाँकोउम्र-ए-रफ़्ताकासलामआया
ज़रालौऔरदिलकीतेज़करसीलासायेशो'ला
नरौशनकरसकाघरकोनमहफ़िलहीकेकामआया
निज़ाम-ए-मय-कदासाक़ीबदलनेकीज़रूरतहै
हज़ारोंहैंसफ़ेंजिनमेंनमयआईनजामआया
अभीतकसैद-ए-यज़्दाँ-ओ-सनमऔलाद-ए-आदमहै
बशरइंसाँनहींरहताजहाँईमाँकानामआया
बहारआतेहीख़ूँ-रेज़ीहुईवोसेहन-ए-गुलशनमें
ख़जिलकाँटेथेयूँँफूलोंकोजोश-ए-इंतिक़ामआया
भुलाएआब्ला-पाओंकोबैठेथेचमनवाले
गरजतीआँधियाँआईंकिसहराकासलामआया
सहरकीहूरकेक्याक्यानेदेखेख़्वाबदुनियाने
मगरता'बीरजबढूँडीवहीइफ़रीत-ए-शामआया
कभीशायदउसीसेरंग-ए-फ़िरदौस-ए-बशरपाए
अभीतकतोलहूइंसाँकाशैताँहीकेकामआया
मुकम्मलतब्सिराकरताहुआअय्याम-ए-रफ़्तापर
निगाह-ए-बे-सुख़नमेंएकअश्क-ए-बे-कलामआया
तवानाकोबहानाचाहिएशायदतशद्दुदका
फिरइकमजबूरपरशोरीदगीकाइत्तिहामआया
नजानेकितनीशमएँगुलहुईंकितनेबुझेतारे
तबइकख़ुर्शेदइतराताहुआबाला-ए-बामआया
बरहमनआब-ए-गंगाशैख़कौसरलेउड़ाइससे
तिरेहोंटोंकोजबछूताहुआ'मुल्ला'काजामआया