शामनेजबपलकोंपेआतिश-दानलिया
कुछयादोंनेचुटकीमेंलोबानलिया
दरवाज़ोंनेअपनीआँखेंनमकरलीं
दीवारोंनेअपनासीनातानलिया
प्यासतोअपनीसातसमुंदरजैसीथी
नाहक़हमनेबारिशकाएहसानलिया
मैंनेतलवोंसेबाँधीथीछाँवमगर
शायदमुझकोसूरजनेपहचानलिया
कितनेसुखसेधरतीओढ़केसोएहैं
हमनेअपनीमाँकाकहनामानलिया