hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Divy Kamaldhwaj
bharat ke upkaar ko maan rahe sab log
bharat ke upkaar ko maan rahe sab log | भारत के उपकार को, मान रहे सब लोग
- Divy Kamaldhwaj
भारत
के
उपकार
को,
मान
रहे
सब
लोग
रोग
'घटाने'
के
लिए,
दिया
विश्व
को
'योग'
- Divy Kamaldhwaj
Download Sher Image
इसी
जगह
इसी
दिन
तो
हुआ
था
ये
एलान
अँधेरे
हार
गए
ज़िंदाबाद
हिन्दोस्तान
Javed Akhtar
Send
Download Image
78 Likes
हम
अपनी
जान
के
दुश्मन
को
अपनी
जान
कहते
हैं
मोहब्बत
की
इसी
मिट्टी
को
हिंदुस्तान
कहते
हैं
Rahat Indori
Send
Download Image
210 Likes
तिरंगा
दिल
में
है
लबों
पे
हिंदुस्तान
रखता
हूँ
सिपाही
हूँ
हथेली
पे
मैं
अपनी
जान
रखता
हूँ
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
39 Likes
ऐसा
नहीं
बस
आज
तुझे
प्यार
करेंगे
ता'उम्र
यही
काम
लगातार
करेंगे
सरकार
करेगी
नहीं
इस
देश
का
उद्धार
उद्धार
करेंगे
तो
कलाकार
करेंगे
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
57 Likes
फिर
उठी
आख़िर
सदा
तौहीद
की
पंजाब
से
हिन्द
को
इक
मर्द-ए-कामिल
ने
जगाया
ख़्वाब
से
Allama Iqbal
Send
Download Image
30 Likes
हमने
जिम्मेदारी
दी
है
देश
चलाने
की
फेल
हुए
तो
उनको
लानत
भी
हम
ही
देंगे
Atul K Rai
Send
Download Image
30 Likes
भारत
के
ऐ
सपूतो
हिम्मत
दिखाए
जाओ
दुनिया
के
दिल
पे
अपना
सिक्का
बिठाए
जाओ
Lal Chand Falak
Send
Download Image
27 Likes
ज़मीं
पे
घर
बनाया
है
मगर
जन्नत
में
रहते
हैं
हमारी
ख़ुश-नसीबी
है
कि
हम
भारत
में
रहते
हैं
Mehshar Afridi
Send
Download Image
119 Likes
मैं
जब
मर
जाऊँ
तो
मेरी
अलग
पहचान
लिख
देना
लहू
से
मेरी
पेशानी
पे
हिंदुस्तान
लिख
देना
Rahat Indori
Send
Download Image
122 Likes
है
राम
के
वजूद
पे
हिन्दोस्ताँ
को
नाज़
अहल-ए-नज़र
समझते
हैं
उस
को
इमाम-ए-हिंद
Allama Iqbal
Send
Download Image
65 Likes
Read More
मैं
किसी
के
पास
जाता
ही
नहीं
दूर
होकर
मन
नहीं
लगता
मेरा
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
32 Likes
भरोसा
मुझ
पे
रक्खो
और
कुछ
पल
रुका
हूँ,
मैं
अभी
हारा
नहीं
हूँ
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
36 Likes
क़ुदरत
ने
कितने
रंग
मिलाएँ
हैं
साथ
साथ
गुलशन
के
फ़ूल
ऐसे
बनाएँ
हैं
साथ
साथ
केवल
जले
नहीं
हैं
वो
पन्ने
क़िताब
के
नफरत
ने
फूल
भी
तो
जलाएँ
हैं
साथ
साथ
ये
काम
महज़
आग
कभी
कर
न
पाएगी
सबको
पता
ही
है
के
हवाएँ
हैं
साथ
साथ
ये
बात
और
है
कि
वो
रिश्ता
नहीं
बचा
वरना
बहुत
से
राज़
छुपाएँ
हैं
साथ
साथ
Read Full
Divy Kamaldhwaj
Download Image
4 Likes
मेरे
भीतर
नहीं
लिखने
की
तड़पन
है
तड़पन,
इसलिए
मैं
लिख
रहा
हूँ
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
4 Likes
मुझ
सेे
मिलने
ही
आती
है
नुक्कड़
पर
पानी
पूरी
केवल
एक
बहाना
है
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
57 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Nasha Shayari
Mehman Shayari
Sorry Shayari
Birthday Shayari
Romance Shayari