येदाग़दाग़उजाला,येशबगज़ीदासहर
वोइन्तज़ारथाजिसका,येवोसहरतोनहीं
येवोसहरतोनहींजिसकीआरज़ूलेकर
चलेथेयारकिमिलजायेगीकहींनकहीं
फ़लककेदश्तमेंतारोंकीआख़रीमंज़िल
कहींतोहोगाशब-ए-सुस्तमौज्कासाहिल
कहींतोजाकेरुकेगासफ़िना-ए-ग़म-ए-दिल
जवाँलहूकीपुर-असरारशाहराहोंसे
चलेजोयारतोदामनपेकितनेहाथपड़े
दयार-ए-हुस्नकीबे-सब्रख़्वाब-गाहोंसे
पुकारतीरहींबाहें,बदनबुलातेरहे
बहुतअज़ीज़थीलेकिनरुख़-ए-सहरकीलगन
बहुतक़रींथाहसीनान-ए-नूरकादामन
सुबुकसुबुकथीतमन्ना,दबीदबीथीथकन
सुनाहैहोभीचुकाहैफ़िरक़-ए-ज़ुल्मत-ए-नूर
सुनाहैहोभीचुकाहैविसाल-ए-मंज़िल-ओ-गाम
बदलचुकाहैबहुतअहल-ए-दर्दकादस्तूर
निशात-ए-वस्लहलाल-ओ-अज़ाब-ए-हिज्र-ए-हराम
जिगरकीआग,नज़रकीउमंग,दिलकीजलन
किसीपेचारा-ए-हिज्राँकाकुछअसरहीनहीं
कहाँसेआईनिगार-ए-सबा,किधरकोगई
अभीचिराग़-ए-सर-ए-रहकोकुछख़बरहीनहीं
अभीगरानि-ए-शबमेंकमीनहींआई
नजात-ए-दीद-ओ-दिलकीघड़ीनहींआई
चलेचलोकिवोमंज़िलअभीनहींआई