डूबाहुआजोनूरमेंहिन्दोस्तानहै
मंज़रयेदेखरश्क-कुनाआसमानहै
हरसिम्तहैख़ुलूस-ओ-मुहब्बतकीरौशनी
आतीनहींनज़रभीयूँँनफ़रतकीतीरगी
कुछइसतरहसेहोतेहैंअफ़रादहम-ज़बाँ
होकोईतिफ़्ल-ओ-पीर-ओ-जवाँ,सबहैंशादमाँ
इमशबजुदाचिराग़ोंकाहुस्न-ओ-जमालहै
हरइकचिराग़आपमेंहीबे-मिसालहै
नग़्मा-सराहुईहैसितारोंकीअंजुमन
ओढ़ेहैयेज़मींभीउजालोंकापैरहन
विर्द-ए-ज़बाँसभीकेतरानेख़ुशीकेहैं
क़िस्सेसभीकेलबपयहाँरौशनीकेहैं
लगताहैऐसाहरसूचिराग़ोंकायेसमाँ
उतरीहुईज़मीनपहोजैसेकहकशाँ