padh rahe the vo lab-e-hoor hamaara qissa | पढ़ रहे थे वो लब-ए-हूर हमारा क़िस्सा

  - Faiz Khalilabadi
पढ़रहेथेवोलब-ए-हूरहमाराक़िस्सा
यूँँहीथोड़ीहुआमशहूरहमाराक़िस्सा
सिर्फ़इकऐबनिकालाथाग़लत-फ़हमीने
होगयाहमसेबहुतदूरहमाराक़िस्सा
आगींयादेंतिरीहाथमेंमरहमलेकर
जबभीबननेलगानासूरहमाराक़िस्सा
हमवोजुगनूँहैंकिसीवक़्तकिसीसेसुनकर
रोपड़ीथीशब-ए-दीजूरहमाराक़िस्सा
ख़ामुशीनेउन्हेंहोंटोंपेकियाअपनाक़याम
यादजिनजिनकोथाभरपूरहमाराक़िस्सा
'फ़ैज़'जोपेड़लगायाहैअदबकाहमने
जारीरखेगाब-दस्तूरहमाराक़िस्सा
  - Faiz Khalilabadi
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