ik haath pe aañkhen rakkhi hain ik haath pe chehra hota hai | इक हाथ पे आँखें रक्खी हैं इक हाथ पे चेहरा होता है

  - Faisal Azeem
इकहाथपेआँखेंरक्खीहैंइकहाथपेचेहराहोताहै
हरगाममदारीबैठेहैंहरवक़्ततमाशाहोताहै
अबकौनयहाँमज्ज़ूबनहींबाज़ारमेंक्यामौजूदनहीं
इरफ़ानकीमालाबिकतीहैइल्हामकासौदाहोताहै
अपनीख़ल्वतमेंध्यानकहाँख़ामोशीहैविज्दानकहाँ
इकआँधीख़ाकउड़ातीहैइकआगकादरियाहोताहै
दिलबहरसमानआँखेंरौशनपरराहगुज़रभीतोदेखो
इकतंग-नज़रकीबदलीनेअंधेरमचायाहोताहै
कलझूमकेबोलीकेंचुलि-ए-इल्हादअक़ीदेकेमनसे
रिंदतुझेदोमूँहोंनेक्याजामपिलायाहोताहै
हरबुतकेआगेसज्देपरज़िंदीक़ीकोमजबूरकर
येजेहल-ए-मरातिबआख़िरकिसकाफ़िरकोगवाराहोताहै
हमलोगपशेमाँफ़ितरतहैंदीवानोंकीकबसुनतेहैं
आँखोंवालेपढ़सकतेहैंदीवारपेलिक्खाहोताहै
  - Faisal Azeem
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