bharii hai aag jebon men kaf-e-afsos malte hain | भरी है आग जेबों में कफ़-ए-अफ़्सोस मलते हैं

  - Faisal Azeem
भरीहैआगजेबोंमेंकफ़-ए-अफ़्सोसमलतेहैं
हमारीहीकमाईसेहमारेहाथजलतेहैं
मिरेअतराफ़मेंयेखींचा-तानीकमनहींहोती
इधरपहलूबदलताहूँउधरजालेबदलतेहैं
किसीकोभीवोअंगारादिखाईहीनहींदेता
इशारेसेबताताहूँतोअपनेहाथजलतेहैं
मैंअपनेजिस्मसेबाहरहूँयारूहोंकामस्कनहै
उन्हेंमैंछूनहींपाताजोमेरेसाथचलतेहैं
हमारेचाकपरउक़्बाकईशक्लेंबदलतीहै
येजन्नतऔरजहन्नुमतोहमारेसाथचलतेहैं
नज़र-अंदाज़करकेसबगुज़रजातेहैंमुझमेंसे
नफ़ीकरतेहुएमुझमेंकईरस्तेनिकलतेहैं
सदाबनकरबहुतटकराएहैंमीनार-ओ-गुम्बदसे
अबआँखेंखुलगईहैंतोअँधेरेसेनिकलतेहैं
  - Faisal Azeem
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