mil ke ik baar use yaad nahin hone ke | मिल के इक बार उसे याद नहीं होने के

  - Fahmida Mosarrat Ahmad
मिलकेइकबारउसेयादनहींहोनेके
दिलकेउजड़ेनगरआबादनहींहोनेके
अबनएज़ुल्मतोईजादनहींहोनेके
साहिबाहमकोईफ़रियादनहींहोनेके
सच्चेउश्शाक़तोनापैदहुएदुनियामें
अबकोईशीरीं-ओ-फ़रहादनहींहोनेके
दिलमेंठानीहैभुलादेंतुम्हेंधीरेधीरे
औरइसइश्क़मेंबर्बादनहींहोनेके
एकवा'देनेयूँँपा-बस्ताकियाहैहमको
अबकिसीतौरभीआज़ादनहींहोनेके
हमनेहरहालमेंजीनेकीक़समखाईहै
हमकभीज़ीस्तमेंनाशादनहींहोनेके
एककम-ज़र्फ़सेक्याज़र्फ़कीउमीदकरें
हैंजोबौनेकभीशमशादनहींहोनेके
  - Fahmida Mosarrat Ahmad
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