ho sake to mujhe ik shaam inaayat karna | हो सके तो मुझे इक शाम इनायत करना

  - Fahmida Mosarrat Ahmad
होसकेतोमुझेइकशामइनायतकरना
बरपाइसदिलपेमिरीजानक़यामतकरना
फिरतिरीयादमेंरक़्साँहैमिरीवहशत-ए-दिल
कितनामुश्किलहैतिरीयादकोरुख़्सतकरना
ऐसाटूटाहैतग़ाफ़ुलपेकिसीकेयेदिल
हमसेरोरोकेकहेअबमोहब्बतकरना
प्यारकेनामपेबे-मोलहीबिकजातेहैं
हमकोआतानहींजज़्बोंकीतिजारतकरना
हैनवाज़ातुझेराज़िक़नेतोफिरइंसाँ
जितनीमुमकिनहोतूदुनियामेंसख़ावतकरना
जानलेकहतीहूँललकारकेमैंतुझसेअदू
मैंनेसीखाहैसदासचकीहिमायतकरना
हमनेथामाहैजोइंसाफ़कादामनयारो
हमसेहरगिज़नहींउम्मीद-ए-रिआ'यतकरना
  - Fahmida Mosarrat Ahmad
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