ummeed-e-wasl us se KHuda ki qasam nahin | उम्मीद-ए-वस्ल उस से ख़ुदा की क़सम नहीं

  - Faheem Gorakhpuri
उम्मीद-ए-वस्लउससेख़ुदाकीक़समनहीं
कहतेहैंअर्ज़-ए-बोसापेवोदम-ब-दमनहीं
उसकातवाफ़करतेहैंउश्शाक़-ए-रोज़-ओ-शब
कू-ए-सनमभीरुत्बेमेंका'बेसेकमनहीं
मेरेसवाल-ए-वस्लकोलिल्लाहरदकर
देखसनमयेशेवा-ए-अहल-ए-करमनहीं
हूरोंकातुझमेंहुस्नहैपरियोंकीशोख़ियाँ
बुतक़समख़ुदाकीकिसीसेतूकमनहीं
याँदर्द-ए-दिलसेमुझकोनहींचैनअबघड़ी
उनकोक़रारशोख़ियोंसेएकदमनहीं
नाज़ाँहोंअपनेबख़्त-ए-सियहपरकिसतरह
येतीरगीमेंयारकीज़ुल्फ़ोंसेकमनहीं
आँखेंजोरोनेमेंतोतड़पनेमेंदिलहैफ़र्द
वोअब्रसेतोयेकिसीबिजलीसेकमनहीं
अपनेलिएमैंउनसेरखूँअबउमीदक्या
सुनताहूँमर्ग-ए-ग़ैरकाकुछउनकोग़मनहीं
तुमइम्तिहान-ए-ग़ैरकभीकरकेदेखलो
राह-ए-वफ़ामेंवोकभीसाबित-क़दमनहीं
जोकामउनकेलबसेवोतेरेक़दमसेहो
ठोकरभीतेरीकुछक़ुम-ए-ईसासेकमनहीं
किसदमनहींहैयारकीतेग़-ए-निगहकीयाद
किसवक़्तमेरेक़त्लकासामाँबहमनहीं
हमबेवफ़ाइयाँकरेंगेअदूकीतरह
तुमकोवहीख़यालअबसहैवोहमनहीं
अपनीवफ़ाकाज़िक्रहसीनोंमेंरहगया
दुनियामेंनामआजहमाराहैहमनहीं
आँखेंजोरोईंहिज्रमेंइकहश्रहोबपा
येदोहबाबनूहकेतूफ़ाँसेकमनहीं
मम्नूनहूँख़ुदाकीइनायतका'फहीम'
राहतकामेरेकौनसासामाँबहमनहीं
  - Faheem Gorakhpuri
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