ek dam us ne juda ki na naqaab-e-aarizna hua door shab-e-wasl hijaab-e-aariz | एक दम उस ने जुदा की न नक़ाब-ए-आरिज़

  - Faheem Gorakhpuri
एकदमउसनेजुदाकीनक़ाब-ए-आरिज़
हुआदूरशब-ए-वस्लहिजाब-ए-आरिज़
किसपेबरहमहैंबुतोंकाजोबनाहैचेहरा
किसपेलाएगाग़ज़बआजइताब-ए-आरिज़
लाला-ओ-गुलहैंज़मींपरतोफ़लकपरमह-ओ-मेहर
लेकिनइनमेंसेनहींकोईजवाब-ए-आरिज़
देखकरजल्वा-ए-रुख़्सारहुआमैंबेहोश
तेज़किसदर्जाथीअल्लाहशराब-ए-आरिज़
शो'ला-ए-तूरगुल-ए-तरमह-ओ-ख़ुर्शीद-ए-फ़लक
आशिक़ोंमेंतिरेक्याक्याहैंख़िताब-ए-आरिज़
दियामुसहफ़-ए-रुख़्सारकाबोसाहमको
उसनेखोलीशब-ए-वस्लकिताब-ए-आरिज़
  - Faheem Gorakhpuri
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