aap ko gair se ulfat ho gaii | आप को ग़ैर से उल्फ़त हो गई

  - Faheem Gorakhpuri
आपकोग़ैरसेउल्फ़तहोगई
हाँजभीतोमुझसेनफ़रतहोगई
इनबुतोंसेतर्क-ए-उल्फ़तहोगई
मुझपेख़ालिक़कीइनायतहोगई
हिज्रमेंउसकेयेवहशतहोगई
अपनेसाएसेभीनफ़रतहोगई
ख़्वाबमेंउनकीज़ियारतहोगई
आजपूरीदिलकीहसरतहोगई
चलिएझगड़ोंसेफ़राग़तहोगई
जानअपनीनज़्र-ए-फ़ुर्क़तहोगई
हिज्रमेंमुझपेजोकुछगुज़रीपूछ
होगईजोमेरीहालतहोगई
हदतिरीजौर-ओ-जफ़ा-ओ-ज़ुल्मकी
होगईबे-मुरव्वतहोगई
अबतोवोसूरतभीदिखलातेनहीं
चारदिनसाहब-सलामतहोगई
मुझकोइकदिनहैबजाएएकसाल
आपकीदूरीक़यामतहोगई
जानदीनाहक़कोमैंनेहिज्रमें
मुफ़्तउसबुतसेनदामतहोगई
दीयेसाक़ीनेमुझेकैसीशराब
बद-मज़ामेरीतबीअ'तहोगई
ग़ौरसेसुनतेहैंइकइकहर्फ़वो
दास्तान-ए-ग़महिकायतहोगई
सचकहादिलबुतोंकेज़ुल्मसे
जानआजिज़फ़िल-हक़ीक़तहोगई
उसकेकूचेकीगदाई'फहीम'
मेरेहक़मेंबादशाहतहोगई
  - Faheem Gorakhpuri
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