mujh paas kabhi vo qad-e-shamshaad na aaya | मुझ पास कभी वो क़द-ए-शमशाद न आया

  - Faez Dehlvi
मुझपासकभीवोक़द-ए-शमशादआया
इसघरमनेवोदिल-बर-ए-उस्तादआया
गुलशनमिरीअँखियाँमेंलगेगुलख़न-ए-दोज़ख़
जोसैरकोमुझसाथपरी-ज़ादआया
साँझआईदियोदिनबीहुआफ़िक्रमेंआख़िर
वोदिल-बर-ए-जादूगर-ओ-सय्यादआया
आयाहमनपासकियावा'दा-ख़िलाफ़ी
'फ़ाएज़'काकुछअहवालमगरयादआया
  - Faez Dehlvi
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