ek pal ja na kahooñ nain soon ai noor-e-basar | एक पल जा न कहूँ नैन सूँ ऐ नूर-ए-बसर

  - Faez Dehlvi
एकपलजाकहूँनैनसूँनूर-ए-बसर
टुकहोइसदिल-ए-तारीकसूँबद्रबदर
तेरीइससुब्हबिनागोश-ओ-ख़त-ए-मुश्कींसूँ
सैरकरताहूँअजबशाम-ओ-सहरशाम-ओ-सहर
जलकेमैंसुर्माहुआबल्किहुआकाजलभी
ख़ाना-ए-चश्ममेंतुझपाऊँजोटुकराहमगर
राह-दाराँलेवेंहरगाममेंजीवकाहासिल
हैगाइसराहमेंउम्र-ए-अबदजाँकाख़तर
क़िबलेसूँमूँहफिरायातिरेमुखकीजानिब
कियाज़ाहिदनेमकेसूँसू-ए-बुत-ख़ानासफ़र
चाँदसूरजकीरखऐनककूँसदापीर-ए-फ़लक
ख़महोकरताहैनज़रताकिदेखेतेरीकमर
  - Faez Dehlvi
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