musalsal ik mashqat be-sabab hai | मुसलसल इक मशक़्क़त बे-सबब है

  - Ezaz Kazmi
मुसलसलइकमशक़्क़तबे-सबबहै
मोहब्बतभीबहुतमेहनत-तलबहै
तुम्हाराग़महैरिश्ता-दारमेरा
तुम्हारीयादहीमेरानसबहै
तुमजातेतोअच्छाथामगरअब
मिरेदिलमेंयहीइकआसकबहै
यूँँहीआतेनहींअहवालतकने
वोआएहैंतोफिरकोईसबबहै
मिरेदालानमेंगंजीना-ए-याद
मुरव्वतआश्तीउफ़्तादसबहै
मैंरौशनहूँतिरेपरतवकेबाइ'से
मिरेचेहरेपेतेरीताब-ओ-तबहै
क़यामतकीघड़ीगुज़रीहैऔरतू
अभीमौजूद-ओ-ज़िंदाहैअजबहै
  - Ezaz Kazmi
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