zinda rakhni hai mujhe izz ke mea'ar ki dhun | ज़िंदा रखनी है मुझे इज्ज़ के मेआ'र की धुन

  - Ezaz Kazmi
ज़िंदारखनीहैमुझेइज्ज़केमेआ'रकीधुन
एकसंदेसाहैयेहुक्मसेइंकारकीधुन
तूपलटकितुझेमेरीज़रूरतपड़ेगी
तुझकोज़िंदानहींछोड़ेगीयेबे-कारकीधुन
दोस्तमंसूरसेहोतीहुईहमतकपहुँची
हक़कीआवाज़पेडटजातेहुएदारकीधुन
आपआतेहैंचलेजातेहैंमिलतेहीनहीं
दिलमेंरहजातीहैहरबारहीइज़हारकीधुन
ख़ुदाइज़्नमिलेतेरीतरफ़आनेका
कितनीबेताबहैअबतेरेगुनहगारकीधुन
शहरछोड़ाहैतिरेइश्क़कीवहशतकेसबब
जानेलेजाएकहाँअबदिल-ए-बीमारकीधुन
  - Ezaz Kazmi
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