nahin ki zinda hai bas ek mirii zaat men ishqmain sach kahooñ to faqat hai hi kaayenaat men ishq | नहीं कि ज़िंदा है बस एक मेरी ज़ात में इश्क़

  - Ezaz Kazmi
नहींकिज़िंदाहैबसएकमेरीज़ातमेंइश्क़
मैंसचकहूँतोफ़क़तहैहीकाएनातमेंइश्क़
मैंइश्क़-ज़ादचराग़ोंकीबज़्ममेंरहाहूँ
सोजलरहाहैअभीमेरेदाएँहातमेंइश्क़
वोहुस्ननूरकीबारिशमेंजबनहारहाथा
मचलरहाथाबहुततबतजल्लियातमेंइश्क़
मैंसोचताहूँकिक्याहोतादहरमेंहरसू
अगरहोताकहींतेरेशश-जहातमेंइश्क़
क़लमसेलिक्खागयाहैवरक़पेहर्फ-ए-सुकूत
तड़परहाहैमिरीनीलगूँदवातमेंइश्क़
कहींपेज़िंदाहैयेजीतकेहरइकबाज़ी
कहींपेरौशनियाँकररहाहैमातमेंइश्क़
कहींहैंदुनियाकीरंगीनियाँतआ'क़ुबमें
कहींझलकताहैमेरीहरएकबातमेंइश्क़
  - Ezaz Kazmi
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