tujh se mahv-e-guftugu hona pada | तुझ से महव-ए-गुफ़्तुगू होना पड़ा

  - Ezaz Kazmi
तुझसेमहव-ए-गुफ़्तुगूहोनापड़ा
मैंसेहिजरतकरकेतूहोनापड़ा
मैंअभीजी-भरकेजीपायाथा
मौततेरेरू-ब-रूहोनापड़ा
मैंपरेशानीमेंघिरताथाकभी
औरहैराँभीकभूहोनापड़ा
मेरीहसरतथीकभीतूमाह-वश
मुझकोतेरीआरज़ूहोनापड़ा
सामनेलश्करथाजोवोहक़पेथा
हक़पेमुझकोअदूहोनापड़ा
तुझसेमिलता-जुलताहोनाचाहाथा
होगयातोहू-ब-हूहोनापड़ा
  - Ezaz Kazmi
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