kitne ba-hosh ho ga.e ham log | कितने बा-होश हो गए हम लोग

  - Ejaz Rahmani
कितनेबा-होशहोगएहमलोग
ख़ुद-फ़रामोशहोगएहमलोग
जिसनेचाहाहमेंअज़िय्यतदी
औरख़ामोशहोगएहमलोग
दिलकीआवाज़भीनहींसुनते
क्यागिराँ-गोशहोगएहमलोग
हमकोदुनियानेपारसासमझा
जबख़ता-कोशहोगएहमलोग
पीगएझिड़कियाँभीसाक़ीकी
क्याबला-नोशहोगएहमलोग
इसतरहपीरहेहैंख़ूनअपना
जैसेमय-नोशहोगएहमलोग
शहरमेंइसक़दरथेहंगा
में
घरमेंरू-पोशहोगएहमलोग
कितनेचेहरोंपेगईरंगत
जबसेख़ामोशहोगएहमलोग
ज़ख़्मपाएहैंइसक़दर'एजाज़'
आजगुल-पोशहोगएहमलोग
  - Ejaz Rahmani
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