hañsi labon pe sajaaye udaas rehta hai | हँसी लबों पे सजाए उदास रहता है

  - Ejaz Rahmani
हँसीलबोंपेसजाएउदासरहताहै
येकौनहैजोमिरेघरकेपासरहताहै
येऔरबातकिमिलतानहींकोईउससे
मगरवोशख़्ससरापासिपासरहताहै
जहाँपेडूबगयामेरीआसकासूरज
उसीजगहवोसितारा-शनासरहताहै
गुज़ररहाहूँमैंसौदा-गरोंकीबस्तीसे
बदनपेदेखिएकबतकलिबासरहताहै
लिखीहैकिसनेयेतहरीररेग-ए-साहिलपर
बहुतदिनोंसेसमुंदरउदासरहताहै
मैंवहशतोंकेसफ़रमेंभीहूँकहाँतन्हा
यहीगुमाँहैकोईआस-पासरहताहै
मैंगुफ़्तुगूकेहरअंदाज़कोसमझताहूँ
किमेरीज़ातमेंलहजा-शनासरहताहै
वोफ़ासलोंमेंभीरखताहैरंगक़ुर्बतके
नज़रसेदूरसहीदिलकेपासरहताहै
जबउनसेगुफ़्तुगूकरताहैकोईभी'एजाज़'
इकइल्तिमासपस-ए-इल्तिमासरहताहै
  - Ejaz Rahmani
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy