ab karb ke toofaan se guzarna hi padega | अब कर्ब के तूफ़ाँ से गुज़रना ही पड़ेगा

  - Ejaz Rahmani
अबकर्बकेतूफ़ाँसेगुज़रनाहीपड़ेगा
सूरजकोसमुंदरमेंउतरनाहीपड़ेगा
फ़ितरतकेतक़ाज़ेकभीबदलेनहींजाते
ख़ुश्बूहैअगरवोतोबिखरनाहीपड़ेगा
पड़तीहैतोपड़जाएशिकनउसकीजबींपर
सच्चाईकाइज़हारतोकरनाहीपड़ेगा
हरशख़्सकोआएँगेनज़ररंगसहरके
ख़ुर्शीदकीकिरनोंकोबिखरनाहीपड़ेगा
मैंसोचरहाहूँयेसर-ए-शहर-ए-निगाराँ
येउसकीगलीहैतोठहरनाहीपड़ेगा
अबशाना-ए-तदबीरहैहाथोंमेंहमारे
हालातकीज़ुल्फ़ोंकोसँवरनाहीपड़ेगा
इकउम्रसेबे-नूरहैयेमहफ़िल-ए-हस्ती
'एजाज़'कोईरंगतोभरनाहीपड़ेगा
  - Ejaz Rahmani
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