khaashaak se khizaan men raha naam baagh ka | ख़ाशाक से ख़िज़ाँ में रहा नाम बाग़ का

  - Ejaz Gul
ख़ाशाकसेख़िज़ाँमेंरहानामबाग़का
वर्नातोहरदरख़्तपेक़ब्ज़ाहैज़ाग़का
हैरतहैसबतलाशपेउसकीरहेमुसिर
पायागयासुराग़जिसबे-सुराग़का
हैइर्तिकाज़-ए-ज़ातमेंवक़्फ़ाज़रासीदेर
टूटानहींहैराब्तालौसेचराग़का
कबकिसपेमेहरबानहोऔरकबउलटपड़े
किसकोयहाँपताहैकिसीकेदिमाग़का
होताहैफिरवोऔरकिसीयादकेसुपुर्द
रखताहूँजोसँभालकेलम्हाफ़राग़का
मश्क़-ए-सुख़नमेंदिलभीहमेशासेहैशरीक
लेकिनहैइसमेंकामज़ियादादिमाग़का
  - Ejaz Gul
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy