chal raha hooñ pesh-o-pas-manzar se uktaaya hua | चल रहा हूँ पेश-ओ-पस-मंज़र से उकताया हुआ

  - Ejaz Gul
चलरहाहूँपेश-ओ-पस-मंज़रसेउकतायाहुआ
एकसेदिनरातकेचक्करसेउकतायाहुआ
बे-दिलीहोश्यारपहुँचीमुझसेपहलेथीवहाँ
मेंगयाजिसअंजुमनमेंघरसेउकतायाहुआ
होनहींपायाहैसमझौताकभीदोनोंकेबीच
झूटअंदरसेहैसचबाहरसउकतायाहुआ
अबमुज़य्यनहैतलफ़्फ़ुज़सेअवामुन्नासके
शे'रसर्फ़-ओ-नहवकेचक्करसेउकतायाहुआ
ख़्वाहिश-ए-ईजादहैअपनेमआनीकीउसे
लगरहायेफ़े'अलहैमसदरसेउकतायाहुआ
चुभरहेहैंआँखमेंख़्वाब-ए-परेशाँरफ़्तके
जिस्महैइसनींदकेबिस्तरसेउकतायाहुआ
उम्रलेकिनराएगाँकीउसकेजमाख़र्चमें
थाहमेशाज़ेहनचीज़ज़े-ज़रसेउकतायाहुआ
आजफिरपढ़ताहूँमकतबमेंनएउस्तादसे
कलथाजिनअस्बाक़केअज़बरसेउकतायाहुआ
ज़ातअपनीइनमेंरखताहूँबराबरमुनक़सिम
दिलमिराहैबहस-ए-ख़ैर-ओ-शरसेउकतायाहुआ
  - Ejaz Gul
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