dar khol ke dekhooñ zaraa idraak se baahar | दर खोल के देखूँ ज़रा इदराक से बाहर

  - Ejaz Gul
दरखोलकेदेखूँज़राइदराकसेबाहर
येशोरसाकैसाहैमिरीख़ाकसेबाहर
रूदाद-ए-गुज़िश्तातोसुनीकूज़ा-गरीकी
फ़र्दाकाभीकरज़िक्रजोहैचाकसेबाहर
ख़ुशआयाअजबइश्क़कोयेजामा-ए-ज़ेबा
निकलानहींफिरहिज्रकीपोशाकसेबाहर
चाहाथामफ़रदिलनेमगरज़ुल्फ़-ए-गिरह-गीर
पेचाकबनातीरहीपेचाकसेबाहर
आतानहींकुछयादकिसाअत-ए-निस्याँ
क्यारक्खातिरेताक़पेक्याताक़सेबाहर
सुनताहूँकहींदूरसेनक़्क़ारासबाका
उतरीहैबहारअबकेभीख़ाशाकसेबाहर
कुछदेरठहरऔरज़रादेखतमाशा
नापैदहैंयेरौनक़ेंइसख़ाकसेबाहर
मौजूदख़लामेंहैंअगरऔरज़मीनें
अफ़्लाकभीहोंगेकहींअफ़्लाकसेबाहर
  - Ejaz Gul
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