मुझमेंसेमिरेजुब्बा-ओ-दस्तारनफ़ीकर
रहजाऊँअगरबाक़ीतोतशरीहमिरीकर
सबइल्म-ओ-हुनरभूलकेबचपनमेंचलाजाऊँ
ऐसाहब-ए-सहरऐसीकोईजादूगरीकर
दीवारोंसेबटतेहैंख़िरद-मंदोंकेख़ित्ते
तूदश्त-ए-जुनूँमेंनयेदीवारखड़ीकर
इकक़ाफ़िलाप्यासोंकागुज़रनाहैयहाँसे
ऐदश्त-ए-बलाअपनेसरापाकोनिरीकर
मैंघरमेंहीपीताहूँमगरयारोंकीख़ातिर
घरसेतिरेमयख़ानेमेंआजाताहूँपीकर
इकचाकगरेबाँमेंहैइकचाकहैदिलमें
क्याहोगाफ़क़तचाक-ए-गरेबानकोसीकर
जोज़ुल्मकीरहपरहैंउन्हेंराहसेभटका
अच्छाभीकोईकामतूऐतीरा-शबीकर
गरकुछभीनहींपासतोमिट्टीसेहीभरले
ऐसाहब-ए-ख़ैराततूदामननतहीकर