zulmat-kushi ka qasd kiya aur chal pade | ज़ुल्मत-कुशी का क़स्द किया और चल पड़े

  - Ehtisham ul Haq Siddiqui
ज़ुल्मत-कुशीकाक़स्दकियाऔरचलपड़े
मुट्ठीमेंजुगनुओंकोलियाऔरचलपड़े
आतीरहेगीमौतकोआनाजहाँपेहै
हमनेतोअपनाज़हरपियाऔरचलपड़े
सहरासेशहरआनेमेंऔरएहतिमामक्या
दामनकाअपनेचाकसियाऔरचलपड़े
हमसेबदन-बदोशोंकारख़्त-ए-सफ़रकहाँ
बसअपनाख़ाक-दानलियाऔरचलपड़े
उजलतथीहमकोचाँदकाक्याकरतेइंतिज़ार
आँखोंकोशबचराग़कियाऔरचलपड़े
  - Ehtisham ul Haq Siddiqui
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