tooti hui bottle ki tarah | टूटी हुई बोतल की तरह

  - Ehtisham Akhtar
टूटीहुईबोतलकीतरह
बे-कारबे-मक़्सद
ज़िंदगीकेताक़में
रक्खाहुआहूँमैं
वोकौनथाजोछोड़गया
मेरेवजूदकेशीशेपर
अपनीलहूरंगयादोंके
निशाँ
उससेपहलेकिबारिश
उननिशानातकोधोडाले
मैंरेज़ारेज़ाहोजाऊँ
फ़र्शपरबिखरजाऊँ
वक़्तकेपैरोंमेंचुभजाऊँ
फ़र्शज़मींकोरंगींकरदूँ
औरख़ुदभीरंगींहोजाऊँ
  - Ehtisham Akhtar
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