kulaah-e-kaj badal jaati hai ya afsar badalta hai | कुलाह-ए-कज बदल जाती है या अफ़सर बदलता है

  - Ehsan Akbar
कुलाह-ए-कजबदलजातीहैयाअफ़सरबदलताहै
अभीखुलतानहींक्यावक़्तकातेवरबदलताहै
येदेखाहैकिमहवरइस्तवाऊपरबदलताहै
फ़लकसदियोंपुरानीनीलगूँचादरबदलताहै
दिलोंमेंसोज़-ए-ग़मवालेधुएँभीआरज़ूएँभी
अजमवालामुसलमाँहरसदीमेंघरबदलताहै
निशाँ-कर्दाघरोंकोछोड़भागेघरजोलौटेहैं
तोदेखापिछलीशबदहलीज़कानंबरबदलताहै
हरइकफ़िरऔनकेअहवाल-ए-ग़र्क़ाबीजुदागाना
कभीदरियाबदलताहैकभीलश्करबदलताहै
ज़मानाएहतिरामनघूमजाताहैउसीजानिब
जोअच्छाईकोइकइंसानरत्तीभरबदलताहै
हमअबमग़रिबकेदस्त-आमोज़दुनियाकोनहींलगते
उगआएँबाल-ओ-परअपनेतोबाल-ओ-परबदलताहै
कोईदरवाज़ाभीतरकीतरफ़खुलतानहीं'एहसाँ'
वहीअंदरकीकालकहैफ़क़तबाहरबदलताहै
  - Ehsan Akbar
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