khabar nahin ki koi kis ke intikhaab men hai | ख़बर नहीं कि कोई किस के इंतिख़ाब में है

  - Ehsan Akbar
ख़बरनहींकिकोईकिसकेइंतिख़ाबमेंहै
मगरजोशख़्सकलउभरेगामेरेख़्वाबमेंहै
जहानवालोंकेलाखोंइधरउधरकेजवाब
हयातकातोसवालआदमीकेबाबमेंहै
हमेंघेरतीशायदयेचार-दीवारी
मगरयेख़ाकजोइसआलम-ए-ख़राबमेंहै
ख़ुदअपनेपरजोगएहैंवोतिफ़्लकौनसेहैं
वोनस्लकैसीहैजिसकाजहाँअज़ाबमेंहै
नएजहानकेमें'मारपहलेगुज़़रेंगे
फिरउसकेबादवोदुनियाजोसिर्फ़ख़्वाबमेंहै
अजबसेनक़्शमैंदीवार-ओ-दरपेदेखताहूँ
बसआनेवालेहैंजिनकासुख़नकिताबमेंहै
  - Ehsan Akbar
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