gham hai aazaar hai aziyyat hai | ग़म है आज़ार है अज़िय्यत है

  - Dr. Naresh
ग़महैआज़ारहैअज़िय्यतहै
एकदिलहैहज़ारआफ़तहै
हुस्नरंगीनी-ए-हयातसहीइश्क़भीआदमीकीफ़ितरतहै
आजअल्लाहकोजानताहैकौन
ख़्वाहिश-ओ-हिर्सकीइबादतहै
तेरीकाफ़िरअदाओंकोक़ातिल
तेग़-ओ-ख़ंजरकीक्याज़रूरतहै
कुछतोफ़रमाइएगाबंदा-नवाज़
ख़ामुशीआपकीक़यामतहै
दौर-ए-हाज़िरकेआदमीकाचलन
बाइ'स-ए-नंग-ए-आदमियतहै
ख़ूनदिनरातरोरहेहैं'नरेश'
क्यायहीहासिल-ए-मोहब्बतहै
  - Dr. Naresh
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