KHud se bichhad ke zaat ke paikar men qaid hooñ | ख़ुद से बिछड़ के ज़ात के पैकर में क़ैद हूँ

  - Dr. Naresh
ख़ुदसेबिछड़केज़ातकेपैकरमेंक़ैदहूँ
घरसेनिकलगयाथामगरघरमेंक़ैदहूँ
हूँना'रा-ए-जिहादभीअज़्म-ए-जवानभी
दिलमेंकभीमुक़ीमथाअबसरमेंक़ैदहूँ
मुश्ताक़-ओ-मुंतज़िरहूँकिचिंगारियाँमिलें
क्याख़ूबआगहोकेभीपत्थरमेंक़ैदहूँ
देखोतोकाएनातदिखाईदेज़ेर-ए-पा
सोचूँतोजैसेख़ुदहीसमुंदरमेंक़ैदहूँ
वोतोबुलारहेहैंमगर'नरेश'मैं
अपनीअनाकेगुम्बद-ए-बे-दरमेंक़ैदहूँ
  - Dr. Naresh
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