gham judaai ka na shaayad mujhe itnaa hota | ग़म जुदाई का न शायद मुझे इतना होता

  - Dr. Naresh
ग़मजुदाईकाशायदमुझेइतनाहोता
तुमनेकाशजोमुझकोकभीसमझाहोता
इब्न-ए-आदमकभीइसतरहतिश्नाहोता
रेतपेउसकोजोपानीकाधोकाहोता
ऐनमुमकिनहैकिज़िदछोड़केवोरुकजाता
जानेवालेनेजोमुड़करमुझेदेखाहोता
क्याअजबहैकिवोगंदुमकोछूताहरगिज़
मर्द-ए-अव्वलअगरबख़्तकामाराहोता
दोक़दमसाथतोमिलतेमिरेअहबाब'नरेश'
काशहरदोस्तनेविश्वासतोड़ाहोता
  - Dr. Naresh
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