pursish-e-gham ko na aa gham ka mudaava ho ja | पुर्सिश-ए-ग़म को न आ ग़म का मुदावा हो जा

  - Dr. Naresh
पुर्सिश-ए-ग़मकोग़मकामुदावाहोजा
मुझमेंदिलबनकेधड़कमेरासरापाहोजा
पावँरखनेकोज़मींतगमुयस्सरहोगी
भीड़सेऊँचाउठभीड़काहिस्साहोजा
अक़्लकहतीहैकिमाँगउनसेवफ़ाओंकासिला
दिलयेकहताहैकिमहरूम-ए-तमन्नाहोजा
टूटहीजाएँधरतीसेकहींसबरिश्ते
इतनाऊँचाभीउड़थोड़ासानीचाहोजा
रिफ़अतेंछूकेदिखाइश्क़-ओ-मोहब्बतकी'नरेश'
उसनेइकक़तराजोमाँगाहैतोदरियाहोजा
  - Dr. Naresh
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