shauq baaki nahin baaki nahin ab josh-o-kharosh | शौक़ बाक़ी नहीं बाक़ी नहीं अब जोश-ओ-ख़रोश

  - Dr. Azam
शौक़बाक़ीनहींबाक़ीनहींअबजोश-ओ-ख़रोश
दिनवोपुर-कैफ़थेजबहमथेसरासरमदहोश
मस्लहतजोश-ए-बग़ावतकोदबादेतीहै
दिलधड़कताहैमगरदिलकीसदाएँख़ामोश
अबकोईसूरत-ए-गुफ़्तारनज़रआतीनहीं
वोभीख़ामोशमिरारद्द-ए-अमलभीख़ामोश
तेरीरफ़्तारलगातारहोकछुएकीतरह
वर्नारहजाएगातूराहमेंमिस्ल-ए-ख़रगोश
ज़ीस्तकीराहपेतन्हाकभीचलपाया
ग़म-ए-जानाँग़म-ए-दौराँभीरहेदोश-ब-दोश
सामनादहरकातन्हाउसेअबकरनेदे
पाँवमेंबेटेकेआनेलगेतेरीपा-पोश
बज़्म-ए-उर्दूसेहुईदेरबहुतआएहुए
अबतलकसाँसमेंख़ुशबूहैमोअ'त्तरहैंगोश
अबतोघर-बारमेंलगताहीनहींदिल'आज़म'
ऐसालगताहैकिहोजाएँगेहमख़ाना-ब-दोश
  - Dr. Azam
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