sulagta dasht yakaayak bujha nahin karta | सुलगता दश्त यकायक बुझा नहीं करता

  - Dinesh Kumar Drouna
सुलगतादश्तयकायकबुझानहींकरता
येवक़्त-ए-हिज्रहैऐसेकटानहींकरता
ज़रासाफ़र्क़हैशीशेमेंऔरइसदिलमें
येटूटतातोहैलेकिनसदानहींकरता
दिलोंमेंइश्क़कीखेतीअफ़ीमजैसीहै
किइसकेबा'दयहाँकुछउगानहींकरता
कुछएकलोगमोहब्बतसेख़ौफ़खातेहैं
सभीकोमौसम-ए-बाराँहरानहींकरता
पतायेहिज्रसेइतनातोचलगयामुझको
कोईकिसीसेबिछड़करमरानहींकरता
येज़ख़्मलाज़मीहैहालकीगवाहीको
यहीमैंसोचकेइनकीदवानहींकरता
कुछएकरोज़सेइकबेकलीसीरहतीहै
कहींवोयादतोमुझकोकियानहींकरता
  - Dinesh Kumar Drouna
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